


हादसा या बड़ी लापरवाही? रुद्रपुर पुलिस लाइन में धधकी आग खड़े हुए गंभीर सवाल
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रुद्रपुर। पुलिस लाइन के भीतर बने प्रांगण में माल-मुकदमे और सीज कर रखे गए वाहनों के ढेर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें आसमान छूने लगीं। इस अग्निकांड में 70 से अधिक मोटरसाइकिलें जलकर पूरी तरह खाक हो गई हैं। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
बताते चलें कि यातायात पुलिस, सीपीयू और विभिन्न थानों द्वारा चेकिंग के दौरान सीज किए गए या मुकदमों से जुड़े वाहनों को पुलिस लाइन के खाली मैदान में पार्क किया जाता है। इस पूरे चारदीवारी वाले क्षेत्र में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है और यहाँ बकायदा 24 घंटे एक सिपाही की तैनाती रहती है। शनिवार की दोपहर को अचानक इन वाहनों में आग लग गई। जैसे ही आसमान में काले धुएं का गुबार उठा, पुलिस लाइन में अफरातफरी मच गई। खतरे की सीटी बजते ही वहां प्रशिक्षण ले रहे सैकड़ों नए रंगरूट हाथों में पानी से भरी बाल्टियां लेकर घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े।
प्रतिसार निरीक्षक गजेंद्र परवाल के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि आखिरकार फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा। दमकल कर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद बमुश्किल आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक करोड़ों का माल खाक हो चुका था।
खाकी’ के अपने-अपने दावे: आंकड़ों में भी उलझी पुलिस
अग्निकांड के बाद अब पुलिस विभाग डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। कोर्ट के मामलों से जुड़ी गाड़ियों के जलने के कारण अधिकारी बेहद गंभीर हैं। इस बीच अधिकारियों और धरातल की स्थिति में आंकड़ों को लेकर भी विरोधाभास दिख रहा है। सीओ लाइन डीआर वर्मा के आदेश पर पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। प्रतिसार निरीक्षक गजेंद्र परवाल ने बताया कि वाहन पार्किंग स्थल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन की चिंगारी से आग लगने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि 15 माल-मुकदमे की बाइक सहित कुल 52 बाइक ही मामूली रूप से जली हैं। हालांकि, घटनास्थल की भयावह स्थिति को देखकर साफ पता चलता है कि खाक होने वाले वाहनों की संख्या 70 से अधिक है।

