


नाबालिग बेटी से दुष्कर्म की कोशिश की थी
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रुद्रपुर। 15 वर्षीय सौतेली बेटी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने वाले कलयुगी पिता को अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्य ने दोषी मानते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना ट्रांजिट कैंप में पीड़ित नाबालिग छात्रा की मां ने वर्ष 2024 में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला ने कहा था कि पहले पति की मौत के बाद उसने आरोपी व्यक्ति से दूसरी शादी की थी, जिसके खुद के भी दो बच्चे थे। बाद में दोनों में अनबन के कारण तलाक हो गया और महिला अपने व उसके बच्चों को लेकर अलग रहने लगी।25 मार्च 2024 को होली के त्योहार के दिन, आरोपी पूर्व पति अपनी 15 वर्षीय बड़ी सौतेली बेटी को पढ़ाई के बहाने अपने घर ले गया। वहाँ उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया।
इसके बावजूद नाबालिग छात्रा ने गजब का साहस दिखाया। उसने हैवान बने सौतेले पिता को जोर से धक्का दिया और उसे कमरे के भीतर ही बंद कर दिया। इसके बाद वह वहाँ से भाग निकली और रोते हुए अपनी माँ के पास पहुँचकर पूरी आपबीती सुनाई। मां की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच के बाद चार्जशीट अदालत में पेश की। अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता सहित कुल 10 महत्वपूर्ण गवाह पेश किए गए। अदालत ने इन गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और उसे सख्त सजा सुनाई।

