– ऐक्टू का बड़ा ऐलान, 22 नवंबर को देहरादून में विशाल प्रदर्शन
– दिनेश तिवारी बने उत्तराखंड ऐक्टू के नए अध्यक्ष
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
हल्द्वानी। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स की राज्य काउंसिल बैठक सोमवार को हल्द्वानी के चेतना भवन में संपन्न हुई। बैठक में संगठन को मजबूत करने और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को तेज करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। ऐक्टू ने घोषणा की है कि मजदूर वर्ग की मांगों को लेकर 22 नवंबर 2026 को राजधानी देहरादून में एक विशाल प्रदर्शन और जुलूस का आयोजन किया जाएगा।
सोमवार को हुई बैठक में सर्वसम्मति से औद्योगिक मजदूर नेता कॉमरेड दिनेश तिवारी को ऐक्टू का नया राज्य अध्यक्ष चुना गया। यह पद वरिष्ठ शिक्षक व मजदूर नेता कॉमरेड निशान सिंह के निधन के बाद से खाली था। बैठक की शुरुआत में दिवंगत पूर्व अध्यक्ष कॉमरेड निशान सिंह, राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड आर. एन. ठाकुर और पीपलकोटी हादसे में मारे गए मजदूरों को श्रद्धांजलि देते हुए एक मिनट का मौन रखा गया।
बैठक को संबोधित करते हुए ऐक्टू के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड राजीव डिमरी ने कहा कि देश में सिकुड़ते जा रहे लोकतांत्रिक अधिकारों की वापसी के लिए मजदूर वर्ग को अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाना होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के छात्र आंदोलन से लेकर पानीपत, नोएडा और उत्तराखंड के औद्योगिक ठेका मजदूरों के स्वतःस्फूर्त आंदोलनों ने मजदूरों की दयनीय स्थिति को सामने ला दिया है। कर्नाटक सरकार द्वारा ₹36,000 न्यूनतम वेतन घोषित किए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पूरा ट्रेड यूनियन आंदोलन देश भर में ₹42,000 महीने के न्यूनतम वेतन की मांग कर रहा है।
भाकपा (माले) के राज्य सचिव कॉमरेड इन्द्रेश मैखुरी ने विष्णुगढ़ पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना हादसे का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार और टीएचडीसी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हादसे की पूर्व सूचना होने के बावजूद प्रबंधन पर रोक नहीं लगाई गई। मैखुरी ने मृतक मजदूरों के परिजनों को एक करोड़ तथा घायलों को 50 लाख का मुआवजा देने की मांग की और सरकार द्वारा घोषित 5 लाख के मुआवजे को नकाफी बताया।
बताया कि 22 नवंबर के प्रदर्शन में सभी मजदूरों के लिए 42,000 प्रतिमाह न्यूनतम वेतन तय करने, सरकारी विभागों और निजी कंपनियों से आउटसोर्स व ठेका प्रथा खत्म कर समान कार्य के लिए समान वेतन लागू, मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा, आशा, आंगनबाड़ी और भोजनमाताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग उठाई जाएगी।
देर शाम तक चली इस बैठक में वर्ष 2027 में भव्य राज्य सम्मेलन आयोजित करने, नया सदस्यता लक्ष्य तय करने और राज्य कमेटी का बैंक खाता खोलने जैसे संगठनात्मक निर्णय भी लिए गए। बैठक का संचालन राज्य महामंत्री के. के. बोरा ने किया और अध्यक्षता नवनिर्वाचित अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने की। इस दौरान भाकपा माले राज्य उपाध्यक्ष कैलाश पाण्डेय, जोगेन्द्र लाल, उपसचिव विनोद कुमार, कोषाध्यक्ष ललित मटियाली, उदय धामी, रीता कश्यप, अनीता अन्ना सहित प्रदेश भर से आए दर्जनों पदाधिकारी मौजूद रहे।




