


रामनगर जैसे छोटे से शहर में खड़ी की इंटरनेशनल पायनियर्स नाम की संस्था
न्यूज एंड नॉक संवाददाता, रामनगर। सामाजिक सरोकारों के लेकर हमेशा सक्रिय रहने वाले संतोष मेहरोत्रा का निधन हो गया। शिक्षक की सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद वे समाजसेवा में ऐसा रम गए कि अंतिम सांस तक उसमें ही तन – मन – धन से जुटे रहे।
बृहस्पतिवार को उनके निधन की सूचना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन पर सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय गणेश रावत ने सधे शब्दों में उनकी जीवन यात्रा पर प्रकाश डाला।
उन्होंने लिखा कि कल ही संतोष मेहरोत्रा गुरु जी की फेसबुक पोस्ट थी_””गर्म स्वेटर पाकर खिले बच्चों के चेहरे”” सेवा कार्य करते हुए 50 साल से ज्यादा वक्त आपको हो चुका था, मगर न जज्बे में कमी थी और न ही समर्पण में।
रामनगर जैसे छोटे से शहर से कभी इंटरनेशनल पायनियर्स नाम की संस्था खड़ी की और सत्तर के दशक में भारत के सबसे बड़े थियेटर आयोजनों में से एक अखिल भारतीय नाटक प्रतियोगिता में सहभागी रहे। विज्ञान शिक्षक के रूप में एमपी इंटर कॉलेज में कार्यरत रहने के अलावा उन्होंने अपने उद्यमी स्वभाव से विज्ञान और खेल सामग्री की दुकान मेहरोत्रा स्पोर्ट्स रामनगर में पहचान की मोहताज नहीं है।
उनके सानिध्य में रहकर रामनगर के इतिहास और पुराने दौर की जानकारियां मिलती रहती थी। मेरा मन था कि आपके साथ एक पॉडकास्ट किया जाय, जिसमें रामनगर से विगत पांच दशक की स्मृतियां आपकी जुबानी सुनी जाएं, मगर शायद परमात्मा को यह मंजूर नहीं रहा होगा।
जवान बेटे को खोने के बाद भी उन्होंने हौसला नहीं खोया था, बल्कि ज्यादा सक्रियता से कारोबार और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते रहें। एक जिंदादिल शख्सियत होने के कारण ही कभी गॉडफ्रे फिलिप्स ने उनको सामाजिक बहादुरी का पुरुस्कार दिया था। उनके निधन पर विभिन्न संगठनों और लोगों ने गहरा शोक जताया है।

