खाकी पर दाग! शिमला की चोरी, रुद्रपुर में माल हड़पने का आरोप

– चोरी की तिजोरी लेकर भाग रहे युवक-युवती को आबकारी टीम ने चेकिंग में पकड़ा, फिर छोड़ दिया?

– हिमाचल पुलिस की जांच में आबकारी दरोगा समेत चार कर्मी हिरासत में

– 9 सितंबर की रात की चेकिंग बनी जांच का केंद्र

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

रुद्रपुर। शिमला में हुई चोरी की वारदात की कड़ी जब रुद्रपुर पहुंची तो कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि अब सवाल चोरी से ज्यादा खाकी की भूमिका पर उठ रहे हैं। आरोप है कि चोरी की तिजोरी और सामान लेकर नेपाल भाग रहे युवक-युवती की कार को रुद्रपुर में आबकारी टीम ने रोका, तलाशी ली और चोरी का माल सामने आने के बावजूद दोनों को आगे जाने दिया। इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि चेकिंग के दौरान चोरी के कुछ सामान को टीम ने कथित तौर पर अपने कब्जे में रख लिया। मामला सामने आने के बाद हिमाचल पुलिस की जांच की आंच रुद्रपुर तक पहुंची है। शिमला पुलिस ने आबकारी विभाग से जुड़े चार कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और बाद में अपने साथ हिमाचल ले गई।

बताया जा रहा है कि शिमला में 7 सितंबर को एक मकान में चोरी हुई थी। आरोप है कि मकान में काम करने वाली नेपाल की युवती ने चोरी की और अपने प्रेमी के साथ किराये की टैक्सी से नेपाल भागने लगी। कार में चोरी का सामान और एक तिजोरी भी होने की बात सामने आई है। नेपाल जाते समय कार रुद्रपुर के रामपुर हाईवे पर पहुंची, जहां आबकारी टीम ने उसे चेकिंग के लिए रोका। आरोप है कि चेकिंग के दौरान चोरी के माल में से कुछ सामान आबकारी टीम ने कथित तौर पर अपने पास रख लिया और दोनों को आगे जाने दिया।

बताया जा रहा है कि आबकारी टीम की चेकिंग के बाद टैक्सी चालक दोनों को नेपाल बॉर्डर तक लेकर गया। युवक-युवती को वहां छोड़ने के बाद चालक गाजियाबाद लौट गया। नेपाल पहुंचने के बाद युवती ने कथित तौर पर शिमला के मकान मालिक को फोन कर चोरी की जानकारी दी। इसी दौरान उसने उत्तराखंड में चेकिंग के दौरान चोरी के कुछ सामान के गायब होने की बात भी बताई। इसके बाद शिमला पुलिस की जांच की दिशा रुद्रपुर की तरफ मुड़ी।

शिमला पुलिस ने जांच के दौरान टैक्सी चालक को गाजियाबाद से पकड़ा। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस रुद्रपुर पहुंची और 9 सितंबर की देर रात रामपुर हाईवे पर हुई आबकारी चेकिंग को जांच के केंद्र में रखा। इसके बाद एसएचओ शिमला विलोचन नेगी के नेतृत्व में हिमाचल पुलिस उधमसिंहनगर की आबकारी टीम के दरोगा, कांस्टेबल, उपनल कर्मी, पीआरडी जवान पूछताछ के बाद हिमाचल पुलिस चारों को अपने साथ ले गई।

पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि आबकारी टीम ने कार की तलाशी में क्या-क्या बरामद किया था? अगर चोरी का माल मिला था तो उसका रिकॉर्ड क्या है? तिजोरी और अन्य सामान का क्या हुआ? और यदि आरोप के मुताबिक कुछ सामान चेकिंग के बाद गायब हुआ तो वह कहां गया?

यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोप किसी आम व्यक्ति पर नहीं, बल्कि सरकारी विभाग की चेकिंग टीम से जुड़े कर्मचारियों पर लगे हैं। ऐसे में जांच सिर्फ चोरी के माल की बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि 9 सितंबर की रात हुई चेकिंग के दौरान पूरी कार्रवाई और उसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में होगी।हालांकि, चारों कर्मियों की भूमिका और उन पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

अब देखना यह है कि जांच में खाकी बेदाग निकलती है या फिर शिमला की चोरी का दाग रुद्रपुर की वर्दी तक पहुंचता है।

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