


– न्यायालय के आदेश पर लखनऊ के सिसोदिया परिवार पर मुकदमा
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रूद्रपुर। कोतवाली ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में बगास (गन्ने की खोई) के कारोबार से जुड़े पिता-पुत्र से 43.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने चीनी मिलों में बगास सप्लाई कर बेहतर दाम दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये का माल ऐंठ लिया। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर लखनऊ के सिसोदिया परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फूलसुंगा स्थित आनंद विहार कॉलोनी निवासी अरिकेश ठाकुर (मैसर्स अरिकेश सर्विसेज) ने बताया कि वर्ष 2023 में किच्छा निवासी बृजेश प्रताप चंद ने उनकी मुलाकात लखनऊ के जानकी विहार निवासी सिसोदिया परिवार से करवाई थी। आरोपी खुद को मैसर्स सिसोदिया रिसर्च लैबोरेट्रीज का प्रबंध निदेशक पीएन सिंह, निदेशक माया सिंह, विवेक कुमार सिसोदिया और तनय सिंह शिशौदिया बता रहे थे।
आरोपियों ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि गन्ने का बगास उनके माध्यम से बेचने पर काफी बेहतर दाम मिलेंगे। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें नजीबाबाद (यूपी), नानौता (सहारनपुर) और अनूपशहर (बुलंदशहर) की दि किसान सहकारी चीनी मिलों का मौका मुआयना भी कराया। आरोपियों के झांसे में आकर अरिकेश ठाकुर ने अपनी फर्म से 23 अक्टूबर से 18 नवंबर 2023 के बीच 13.8 लाख का बगास सप्लाई किया। इसी तरह उनके बेटे राकेश कुमार की फर्म से भी ₹39.27 लाख कीमत का बगास भेजा गया। आरोपियों ने शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए ₹8.50 लाख का भुगतान किया, लेकिन इसके बाद दोनों फर्मों का बकाया कुल **₹43.85 लाख** हड़प लिया।
बार-बार तगादा करने पर भी जब रकम नहीं मिली, तो पीड़ित ने लखनऊ जाकर पड़ताल की। जाँच में पता चला कि यह परिवार खुद को कारोबारी बताकर धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम देता है। पुलिस में सुनवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
पीड़ित अरिकेश ठाकुर के अनुसार, आरोपी सिसोदिया परिवार सीतापुर, बिजनौर, लखनऊ और बुलंदशहर समेत विभिन्न जिलों के 25 से 30 कारोबारियों से लगभग ₹20 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुका है। आरोपियों के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं और उन्होंने हाल ही में अपने बेटे के नाम पर एक नई फर्म भी बनाई थी।

