उत्तराखंड को मिला पहला राजकीय ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’

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विधि-विवादित किशोरों के पुनर्वास के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम

हरिद्वार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया शिलान्यास

न्यूज एंड नॉक डेस्क

हरिद्वार। उत्तराखंड में विधि-विवादित किशोरों के पुनर्वास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में धामी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने हरिद्वार स्थित राजकीय विशेष गृह परिसर में राज्य के पहले राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी (किशोर) भवन का विधि-विधान से भूमि पूजन कर शिलान्यास किया।

सोमवार को हुए कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के नियमों के तहत अभी तक हरिद्वार में विशेष गृह और प्लेस ऑफ सेफ्टी एक ही भवन में चल रहे थे।संस्था की संवेदनशीलता और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने 555.15 लाख की लागत से 50 की क्षमता वाले एक अलग और आधुनिक राजकीय ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ भवन के निर्माण की मंजूरी दी है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह उत्तराखंड का पहला पूर्णतः समर्पित राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी (किशोर) केंद्र होगा।

कहा कि हमारा उद्देश्य विधि-विवादित किशोरों को सिर्फ एक सुरक्षित जगह देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, बेहतर कौशल विकास और एक सकारात्मक माहौल देकर समाज की मुख्यधारा से दोबारा जोड़ना है।

हरिद्वार में जघन्य अपराधों में शामिल विधि-विवादित किशोरों के मानसिक और व्यक्तित्व विकास के लिए कई रचनात्मक कार्य चलाए जा रहे हैं, जिनमें कैनवास पेंटिंग और भीमल पेंटिंग, फाइल फोल्डर निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेलकूद गतिविधियां शामिल हैं। किशोरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र में जल्द ही एक पॉटरी यूनिट (मिट्टी के बर्तन बनाने की इकाई) स्थापित की जाएगी।

शिलान्यास के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने राजकीय बाल देखरेख गृह, संप्रेक्षण गृह (किशोर) और राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रह रहे बच्चों से उनकी पढ़ाई, खान-पान और दिनचर्या के बारे में सीधे बातचीत की। बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए। इस मौके पर बच्चों ने सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।

रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि यह भवन सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे किशोरों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर काउंसलिंग (परामर्श) और पुनर्वास के नए अवसर मिलेंगे, जिससे वे एक सम्मानित नागरिक बनकर समाज में लौट सकेंगे।

इस दौरान विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता, उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी राजीव नयन, जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया सहित स्थानीय नागरिक और स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

 


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