काशीपुर में जिन्नात के नाम पर चल रहे ठगी के गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

भोले-भाले लोगों को रुपये डबल करने का लालच देकर की जा रही थी ठगी

आरोपियों में ठगी की रकम से बनाए आलीशान मकान, खरीदी महंगी गाड़ियां

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, काशीपुर। आईटीआई कोतवाली पुलिस ने जिन्नात के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपी भोले-भाले लोगों को रुपये डबल करने का लालच देकर की ठगी करते थे। उन्होंने ठगी की रकम से आलीशान मकान बनवाने के साथ ही महंगी गाड़ियां भी खरीदी थी।

बृहस्पतिवार को एसएसपी अजय गणपति ने खुलासा करते हुए बताया कि 16 फरवरी को शकील अहमद निवासी बांसखेड़ा ने कोतवाली आईटीआई में प्रार्थना पत्र देकर  बताया कि गांव का रहने वाला सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, सफीक अहमद व मो० आरिफ द्वारा ग्रामीणों को अपने प्रभाव में लेते थे। वे कहते थे कि सरताज अली उर्फ कादरी बाबा पर ‘जिन्नात’ आता है, जो पैसे डबल कर देता है। लगभग एक वर्ष पूर्व बांसखेड़ा में आयोजित एक धार्मिक जलसे में मुख्य अतिथि के रूप में आए सरताज अली ने धार्मिक भाषणों के माध्यम से लोगों को प्रभावित किया और विभिन्न “स्कीमों” का प्रचार शुरू किया था। आरोपियों द्वारा कथित स्कीमें चलाई जा रही थी। इसमें 15,500 रुपए प्रतिमाह जमा करने पर 40 दिन बाद 20,000 रूपये प्रतिमाह देने, कामगारों के लिए 25,500, विधवाओं के लिए 6,500 रूपये और बच्चियों के नाम पर 12,500  रूपये की योजना थी। इन लोगों में घर-घर प्रचार कर अशिक्षित व भोले-भाले लोगों (पुरुष एवं महिलाएं) को झांसे में लिया गया। अभियुक्तों के सहयोगियों ने यह भी प्रचारित किया गया कि बाबा से जुड़ने वाले लोगों के पास “जिन्नात” के माध्यम से लगातार पैसा आ रहा है, जिससे उन्होंने प्लॉट, मकान व महंगी गाड़ियां खरीदी हैं। 

एसएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने ग्रामीणों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि एकत्रित कर ली। सफीक ने लगभग 20 लाख से नया मकान व एक बलेनो कार खरीदी गई। मो० आरिफ ने लगभग 10 लाख का प्लॉट खरीदा गया। सरताज अली उर्फ कादरी बाबा ने ग्राम धीमरखेड़ा में प्लॉट लेकर मकान निर्माण व बोलेरो वाहन खरीदा गया। जब पीड़ितों द्वारा धन वापसी की मांग की गई तो अभियुक्तों द्वारा गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था।

मुकदमा दर्ज होने की जानकारी होने पर अभियुक्तगण घरों में ताला लगाकर गैर राज्य (उत्तर प्रदेश) भाग गए। संभावित असंतोष की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पीड़ितों को विश्वास में लेकर विशेष टीमों का गठन किया। 17 फरवरी को अभियुक्त सरताज अली उर्फ कादरी बाबा उर्फ सैयद मियां , शफीक , आरिफ को जिला रामपुर (उ०प्र०) से गिरफ्तार किया गया। तीनों को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

 

 

 

 

 

 

 

 

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