


माचिस की तिल्ली जलाते ही हुआ जोरदार धमाका, कमरे की दीवार टूटी
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, रूद्रपुर। ट्रांजिट कैंप इलाके की कृष्णा कॉलोनी मंगलवार सुबह तेज धमाके के साथ दहल उठी। एक घर में गैस रिसाव के कारण सिलेंडर फट गया, जिससे भीषण आग लग गई। हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित बचाने आई एक पड़ोसी महिला गंभीर रूप से झुलस गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि कमरे की दीवार तक टूट गई। सभी घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद दंपत्ति और उनके बेटे को नाजुक हालत में हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, मूलरूप से खमरिया पुल पीलीभीत निवासी लोकेश कुमार अपनी पत्नी गोमती देवी और 10 वर्षीय बेटे नीरज के साथ कृष्णा कॉलोनी में किराए पर रहता है। मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे गोमती देवी ने खाना बनाने के लिए जैसे ही गैस चूल्हा जलाने को माचिस की तिल्ली जलाई, वैसे ही कमरे में पहले से रिसाव हो रही गैस ने आग पकड़ ली। पलक झपकते ही तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया और पूरा परिवार आग की लपटों में घिर गया। चीख-पुकार सुन पड़ोसी दौड़े, बचाने में एक महिला झुलसी धमाके और चीख-पुकार सुनकर इलाके में भगदड़ मच गई। पड़ोस में रहने वाली मीरा देवी ने हिम्मत दिखाई और दरवाजा खोलकर परिवार को बाहर निकालने की कोशिश की, इस प्रयास में वह भी झुलस गईं। दरवाजा खुलते ही बुरी तरह झुलसा हुआ परिवार बाहर की ओर भागा और बेसुध होकर गिर पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया।
मां-बेटे की हालत नाजुक, 90% झुलसे
डॉक्टरों के अनुसार, गोमती देवी और उनके बेटे नीरज 90 फीसदी तक जल चुके हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। लोकेश भी 50 फीसदी तक झुलसा है। तीनों को हल्द्वानी रेफर किया गया है, जबकि साहसी पड़ोसी मीरा देवी की हालत स्थिर है और उन्हें उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
रात भर गैस रिसाव की आशंका
अंदेशा जताया जा रहा है कि सोमवार रात खाना बनाने के बाद रेगुलेटर खुला रह गया होगा, जिससे रात भर गैस रिसती रही। कमरा बंद होने के कारण गैस का दबाव इतना बढ़ गया कि सुबह तिल्ली जलाते ही आग लगने के बजाय सीधे धमाका हो गया। अग्निशमन विभाग मामले की जांच कर रहा है।

