


लोगों ने जताई नाराजगी, निजी कंपनी में काम करता था मृतक
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, रुद्रपुर। शहर की सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर घूम रहे निराश्रित पशु लोगों की जान के दुश्मन बन रहे हैं। नेशनल हाइवे पर पशु की वजह से हुए हादसे में गदरपुर के ग्राम अलखदेवा निवासी 35 वर्षीय युवक परविंदर सिंह उर्फ पिंदर मक्कड़ की जान चली गई। इस घटना से स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार परविंदर सिंह आस्था इलेक्ट्रॉनिक में हैवेल्स लॉयड कंपनी के कर्मचारी थे। मंगलवार की रात वे बाइक से घर लौट रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक एक निराश्रित गौवंशीय पशु के सामने आने से उनकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि परविंदर हाईवे पर जा गिरे और पीछे से आ रहे ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही भारी संख्या में लोग हाईवे पर एकत्र हो गए। क्षत-विक्षत शव को देखकर परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुँचे सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन कागजात दिखाने में चंद मिनटों की देरी होने पर आम आदमी की मोटरसाइकिल सीज करने में फुर्ती दिखाता है, लेकिन सड़कों पर घूम रहे इन निराश्रित पशुओं के कारण हो रही मौतों पर मौन साधे हुए है। आखिर इन मासूम नौजवानों की अकाल मृत्यु और उनके बिलखते परिजनों की चीखें शासन-प्रशासन को सुनाई क्यों नहीं देतीं है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही राष्ट्रीय राजमार्गों और लिंक मार्गों को निराश्रित पशुओं से मुक्त कर यातायात निर्बाध नहीं किया गया, तो आरटीओ और एनएचएआई के अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।
वहां पर जगदीश तनेजा, मंजीत सिंह मक्कड़, हैप्पी रंधावा, सचिन मुंजाल, मोनू निषाद, जावेद अख्तर, सतपाल सिंह कालड़ा, जिगर रंधावा, हरविंदर सिंह, नारायण पाठक, अंकित चंद्रा, शेरी, अमित गोयल, किशोर रस्तोगी और रोहित अरोड़ा सहित कई लोगों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।

