थारू समाज को दो लाख और महीने का लालच देकर ईसाई बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़

पुलिस ने दंपती सहित चार अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

खटीमा। पुलिस ने खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में चल रहे एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने थारू समाज और अनुसूचित जाति के गरीब लोगों को बहला-फुसलाकर और डरा-धमकाकर ईसाई धर्म अपनाने पर मजबूर करने वाले पास्टर समेत चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

 

जानकारी के अनुसार यह गैंग खटीमा और नानकमत्ता के सीमांत इलाकों में थारू जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपना निशाना बनाता था। लोगों की बीमारी ठीक करने, पारिवारिक कलह दूर करने और भारी आर्थिक मदद का लालच दिया जाता था। हद तो तब हो गई जब ईसाई धर्म अपनाने के एवज में दो लाख एकमुश्त और छह हजार प्रति माह देने का प्रलोभन दिया गया।

इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश तब हुआ जब 23 मई को ग्राम दियां निवासी निवलेश राणा ने अपने ही पति संदीप सिंह राणा, कमलजीत सिंह और दान सिंह राणा के खिलाफ खटीमा कोतवाली में तहरीर दी। महिला का आरोप था कि उस पर जबरन ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर उसे जान से मारने और बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इससे पहले 10 मई को भी रामपाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जय सिंह राणा, द्रौपदी राणा और पास्टर सुनील जार्ज उर्फ सुनील जार्ज मसीह थारू बाहुल्य गांवों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित कर रहे थे। इन सभाओं में हिंदू धर्म के खिलाफ भ्रामक और अपमानजनक बातें कहकर लोगों का माइंडवॉश किया जाता था और धार्मिक किताबें बांटी जाती थीं।

एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने 27 मई को चारों मुख्य आरोपियों को दान सिंह राणा निवासी मोहम्मदपुर भुडिया, खटीमा, जय सिंह राणा निवासी कुटरी चकरपुर, खटीमा, द्रौपदी राणा पत्नी जय सिंह राणा और पास्टर सुनील जार्ज मसीह निवासी भूड महोलिया, खटीमा को गिरफ्तार किया है।

एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि ऊधमसिंहनगर पुलिस सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी। गरीबी और मजबूरी को हथियार बनाकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ हमारी यह कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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