


– साइबर ठगों ने रिटायर्ड दरोगा को बनाया निशाना
– ऐप डाउनलोड कराते ही खाते से गायब हो गई जमापूंजी डिप्रेशन में बुजुर्ग पुलिसकर्मी
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
काशीपुर। शातिर साइबर ठगों ने इस बार खाकी के पूर्व रखवाले को ही अपनी जालसाजी का शिकार बना लिया। बैंक अधिकारी बनकर आए एक फर्जी कॉल ने एक सेवानिवृत्त दरोगा की जिंदगीभर की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल दिया। 24 घंटे के भीतर उनके खाते से 29 लाख रुपये साफ कर दिए। इस बड़ी वारदात के बाद से बुजुर्ग दरोगा गहरे सदमे और मानसिक अवसाद में हैं।
जानकारी के अनुसार, आईटीआई थाना क्षेत्र के जसपुर खुर्द (गढ़वाल सभा) निवासी रिटायर्ड दरोगा सुधेश कुमार छह जून की शाम अपने घर पर थे। इस दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को बैंक का बड़ा अधिकारी बताया। शातिर ठग ने दरोगा को अपनी मीठी बातों में फंसाया और वंस ई-बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। रिटायर्ड दरोगा ठग के झांसे में आ गए और उसके बताए अनुसार ऑनलाइन फॉर्म भरते चले गए।
सात जून की शाम सुधेश कुमार के मोबाइल पर अचानक एक के बाद एक पैसे कटने के मैसेज आने लगे। जब उन्होंने मैसेज देखे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तो कोई ट्रांजैक्शन किया ही नहीं था, फिर पैसे कैसे कट रहे थे? वे घबराकर तुरंत बैंक पहुंचे और खाते की जांच कराई, तो उनके होश पूरी तरह फाख्ता हो गए। छह जून से सात जून के बीच उनके खाते से किश्तों में पूरे 29 लाख रुपये गायब किए जा चुके थे।
इस ठगी के बाद पीड़ित रिटायर्ड दरोगा गहरे मानसिक तनाव में चले गए हैं। उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू दी है।

