तबादला आदेश आने के बाद मेडिकल पर चले गए प्रभारी अभियंता, 18 दिन बाद भी रिलीव नहीं

20 साल से अधिक समय से एक ही जगह जमे हैं कनिष्ठ अभियंता

तबादला रुकवाने के लिए कुछ नेताओं और चहेते ठेकदारों के सक्रिय होने की चर्चा

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

रुद्रपुर। जिला पंचायत ऊधमसिंहनगर में नियम पर रसूख भारी पड़ता दिख रहा है। 20 से अधिक समय तक एक की जगह टिके और हालिया प्रभारी अभियंता की कुर्सी संभाल रहे मोहन सिंह बिष्ट का उनके पूरे सेवाकाल में पहली जिले से बाहर ट्रांसफर हुआ तो साहब बीमार पड़ गए। बताया जा रहा है कि तबादला रुकवाने की कोशिश की गई और फिर साहब मेडिकल पर चले गए। रसूख ऐसा कि अब तक उनको एकतरफा रिलीव तक नहीं किया गया है। बताया जा रहा कि ठेकेदारों का एक सिंडिकेट ट्रांसफर रुकवाने के लिए देहरादून में जोर लगाए है।

दरअसल, निदेशक निधि यादव की ओर से छह जून को जारी आदेश के मुताबिक मोहन सिंह को मूल पद कनिष्ठ अभियंता के रूप में बागेश्वर जिला पंचायत में भेजा गया है। आदेश में जिक्र है कि आदेश तत्काल प्रभावी होंगे। तत्काल तो दूर आदेश के 18 दिन बाद भी उनको रिलीव नहीं किया गया है। जानकारों का कहना है कि अगर कोई कर्मचारी ट्रांसफर आदेश के बाद नई जगह ज्वाइन नहीं करता है तो उसे पुरानी जगह से एकतरफा रिलीव किया जा सकता है। हालांकि अभी ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इस ट्रांसफर के पीछे एक बड़े प्रशासनिक समीकरण को जोड़कर देखा जा रहा है।

ऊधम सिंह नगर जिला पंचायत में अभियंता के रूप में जफर अंसारी तैनात है। बताया जाता है कि निर्माण के अधिकांश कामों पर मोहन का दखल है। उनके ट्रांसफर के आदेश के बाद करीबी ठेकेदारों की लॉबी सक्रिय है। चर्चा है कि तबादला रुकवाने के लिए लॉबी एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।दिलचस्प बात है कि इस मामले में अभी तक निदेशालय ने रुख नहीं अपनाया है।

अपर मुख्य अधिकारी तबादला आदेश आने के बाद मेडिकल पर चले गए प्रभारी अभियंता, 18 दिन बाद भी रिलीव नहींकमलेश बिष्ट ने बताया कि मोहन सिंह मेडिकल पर गए हैं। कब तक मेडिकल पर हैं अभी जानकारी नहीं है। उनके लौटने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।

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