


घर में खत्म हो गया था सिलेंडर, टांडा रेंज में तीन दिन में तीसरी मौत
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, पंतनगर। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार दोपहर लकड़ी लेने गई एक 70 वर्षीय वृद्धा को टस्कर हाथी ने मौत के घाट उतार दिया। क्षेत्र में तीन दिन के भीतर हाथी के हमले में यह तीसरी मौत है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत है।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पंतनगर विश्वविद्यालय की झा-कालोनी निवासी तीन महिलाएं पास के टांडा जंगल में जलौनी लकड़ी बीनने गई थीं। प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं के अनुसार, सांप कठानी खत्ते के पास अचानक एक डेढ़ दांत वाले टस्कर हाथी ने उन्हें दौड़ा लिया। भागने के दौरान मैना देवी (70 वर्ष), पत्नी स्व. बाबू लाल, लड़खड़ाकर गिर गईं। अपनी साथियों को बचाने के लिए उन्होंने चिल्लाकर कहा, तुम लोग भाग जाओ, हाथी मुझे नहीं छोड़ेगा। इसी बीच हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर कई बार जमीन पर पटका और अंत में उन पर पैर रखकर कुचल दिया। उनके साथ गई महिलाएं बदहवास हालत में कालोनी पहुँचीं और घटना की जानकारी दी। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुँचे, मैना देवी दम तोड़ चुकी थीं।
सिलेंडर खत्म होने पर गई थीं जंगल
मृतका के बेटे ने बताया कि दो दिन पहले घर का गैस सिलेंडर खत्म हो गया था। शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा का अवकाश होने के कारण खाना बनाने के लिए लकड़ी जुटाने की मजबूरी में उनकी माँ पड़ोस की महिलाओं के साथ जंगल चली गई थीं। मृतका अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गई हैं।
तीन दिन में तीन मौतें
टांडा रेंज में हाथियों का हमला खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। तीन दिन पहले ही इसी क्षेत्र में एक हाथी ने खेत की रखवाली कर रहे दो लोगों को मार डाला था, जिनमें से एक की शिनाख्त अब तक नहीं हो पाई है। शुक्रवार की घटना के बाद पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी मौके पर पहुँचे और वन विभाग के अधिकारियों से परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल 10 हजार रुपये की नकद सहायता दी गई है। शेष मुआवजे की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

