सीएम धामी से ओबीसी आरक्षण और प्रतिनिधित्व की मांग करेंगे गंगवार

उत्तराखंड में ओबीसी समाज के हक के लिए मुखर हुए डॉ. सुरेश

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, सितारगंज। भाजपा नेता डॉ. सुरेश गंगवार ने उत्तराखंड में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समाज की अनदेखी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बड़ी मांग करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि उधमसिंहनगर जैसे ओबीसी बाहुल्य जिले में इस समाज को राजनीतिक और सामाजिक रूप से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसे दुरुस्त करने की क्षमता केवल सीएम धामी में है।

गुरुवार को प्रेस को जारी बयान में डॉ. गंगवार ने कहा कि जिस तरह एससी और एसटी वर्ग को संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त है, उसी तर्ज पर उत्तराखंड की विधानसभा और लोकसभा सीटों में भी ओबीसी समाज के लिए आरक्षण निर्धारित होना चाहिए। वे जल्द ही इस विषय पर मुख्यमंत्री से विस्तृत चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम एससी-एसटी समाज को हक मिलने का समर्थन करते हैं, लेकिन ऊधम सिंह नगर जैसे ओबीसी बाहुल्य जिले में पिछड़ी जातियों (कुर्मी, गंगवार, राय सिख, प्रजापति, कुशवाहा, यादव आदि) की अनदेखी दुखद है। 

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के 5 सांसदों में से एक भी ओबीसी समाज से नहीं है। प्रदेश मंत्रिमंडल में ओबीसी समाज का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। उधमसिंहनगर की नौ विधानसभा सीटों में से एक भी विधायक पिछड़ी जाति का नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाली समाज भाजपा का कैडर वोटर है। उन्होंने मांग की कि यदि किन्हीं कारणों से बंगाली समाज को एससी का दर्जा नहीं मिल पा रहा है, तो उन्हें कम से कम ओबीसी की श्रेणी में शामिल किया जाए।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी को याद करते हुए कहा कि उनके समय में पंचायतों को 29 में से 14 विभाग सौंपे गए थे। शेष 15 विभागों को भी पंचायतों के अधीन किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सीएम धामी यह निर्णय लेते हैं, तो यह तिवारी जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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