


हिंदू संगठनों ने महापौर को सौंपा ज्ञापन
महापौर बोले, न्यायालय के आदेशों का सख्ती से कराया जाएगा पालन
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रुद्रपुर। विश्व हिंदू परिषद (विहिप), बजरंग दल और ब्राह्मण महासभा सहित विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने महापौर विकास शर्मा से उनके कार्यालय में मुलाकात की। उन्होंने महापौर को एक ज्ञापन सौंपकर खुले में होने वाली पशु बलि, पशुओं के अवशेष और खून नालियों में बहाए जाने पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की। महापौर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि न्यायालय के आदेशों का पूरी सख्ती के साथ पालन कराया जाएगा।
शनिवार को हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में कहा कि बकरीद के दौरान कई स्थानों पर खुलेआम पशु बलि दिए जाने और उसके अवशेष सार्वजनिक स्थलों व नालियों में फेंके जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि आमजन की धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं। खुले में पशु अवशेष पड़े रहने और खून नालियों में बहाए जाने से जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा भी स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि पशु बलि सार्वजनिक स्थलों पर न की जाए और पशुओं के अवशेष खुले में न फेंके जाएं। इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी देखने को मिलती है। उन्होंने मांग की है कि नगर निगम, प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाएं। सार्वजनिक स्थलों पर पशु बलि देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। खुले में मांस काटने और नालियों में अवशेष बहाने वालों पर तत्काल जुर्माना या कानूनी कदम उठाए जाएं।
महापौर ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि शहर में कानून व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। न्यायालय के आदेशों का सम्मान सर्वाेपरि है। नगर निगम जल्द ही इस संबंध में एक विस्तृत एसओपी जारी करेगा। खुले में मांस काटने, पशु अवशेषों के वैज्ञानिक निस्तारण और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए जाएंगे। वहां पर राजेन्द्र सिंह मेहरा जिला मंत्री, विश्व हिंदू परिषद, सुलतान जिला धर्म प्रसार प्रमुख, सुदेव दास गुप्ता प्रखंड मंत्री, प्रिंस कोली (प्रखंड संयोजक, मुकेश वशिष्ठ प्रदेश अध्यक्ष, ब्राह्मण महासभा, संदीप मिश्रा प्रदेश उपाध्यक्ष, चंदन भट्ट सहित अनेक मौजूद थे।

